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UPI New Rules 18 January 2026: GPay, PhonePe, Paytm यूजर्स के लिए बड़े बदलाव, जानें क्या बदला और क्या जरूरी

UPI New Rules 18 January 2026 : 18 जनवरी 2026 से भारत में UPI से जुड़े नए नियम लागू हो चुके हैं, जिनका असर सीधे Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे लोकप्रिय ऐप्स के करोड़ों यूजर्स पर पड़ रहा है। अगर आप रोजाना UPI से पेमेंट करते हैं, तो इन बदलावों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। नए नियमों का मकसद UPI सिस्टम को ज्यादा तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है, ताकि बार-बार फेल ट्रांजैक्शन और सर्वर स्लो की समस्या से राहत मिल सके।

UPI New Rules 2026 क्यों लाए गए

UPI New Rules 18 January 2026 का मकसद यूजर्स को सीमित करना नहीं, बल्कि डिजिटल पेमेंट सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बनाना है। अगर आप इन नियमों को समझकर UPI का सही इस्तेमाल करेंगे, तो आपको न तो पेमेंट फेल की परेशानी होगी और न ही किसी तरह की रुकावट। समय के साथ ये बदलाव UPI अनुभव को पहले से बेहतर बनाने वाले साबित होंगे।

पिछले कुछ सालों में UPI ट्रांजैक्शन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।
• बैलेंस बार-बार चेक करना
• अकाउंट लिस्ट को बार-बार रिफ्रेश करना
• ऑटोपे ट्रांजैक्शन फेल होना
इन वजहों से बैंक और NPCI के सर्वर पर भारी दबाव पड़ रहा था। इसी समस्या को हल करने के लिए NPCI ने ये नए UPI नियम लागू किए हैं।

बैलेंस चेक और अकाउंट डिटेल्स पर नई लिमिट

बैलेंस चेक की सीमा

अब एक UPI ऐप से दिन में अधिकतम 50 बार ही बैंक बैलेंस चेक किया जा सकेगा। अगर आपके फोन में एक से ज्यादा UPI ऐप हैं, तो हर ऐप पर यह लिमिट अलग-अलग लागू होगी।

अकाउंट डिटेल्स देखने की सीमा

लिंक किए गए बैंक अकाउंट की डिटेल्स अब दिन में सिर्फ 25 बार ही देखी जा सकेंगी। इससे अनावश्यक API कॉल कम होंगी और ट्रांजैक्शन ज्यादा स्मूद होंगे।

ऑटोपे ट्रांजैक्शन को लेकर बड़ा बदलाव

UPI Autopay से जुड़े सब्सक्रिप्शन, EMI और बिल पेमेंट अब नॉन-पीक टाइम में प्रोसेस किए जाएंगे।
इसके साथ ही किसी भी ऑटोपे ट्रांजैक्शन को अधिकतम 4 बार ही प्रोसेस करने की कोशिश की जाएगी।

इस बदलाव के फायदे
• फेल ट्रांजैक्शन कम होंगे
• बार-बार पैसे कटने की समस्या घटेगी
• सर्वर पर लोड कम रहेगा

12 महीने से इस्तेमाल न हुई UPI ID होगी बंद

सुरक्षा बढ़ाने के लिए NPCI ने एक अहम नियम लागू किया है।
अगर किसी UPI ID से 12 महीने तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है, तो वह ID अपने आप डिएक्टिवेट हो जाएगी।

इसका मुख्य उद्देश्य
• मोबाइल नंबर के दोबारा जारी होने पर फ्रॉड रोकना
• पुराने और अनयूज्ड अकाउंट्स को सिस्टम से हटाना

वेरिफिकेशन और ट्रांजैक्शन स्पीड में सुधार

नया बैंक अकाउंट जोड़ते समय अब ज्यादा सख्त वेरिफिकेशन किया जाएगा।
साथ ही, जरूरी UPI ट्रांजैक्शन API का रिस्पॉन्स टाइम घटाकर 10 सेकंड कर दिया गया है, जिससे पेमेंट पहले से ज्यादा तेज होगा।

क्रेडिट लाइन से UPI पेमेंट की सुविधा

जनवरी 2026 के बाद UPI यूजर्स को प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन या ओवरड्राफ्ट अकाउंट से भी पेमेंट करने और पैसे निकालने की सुविधा मिलेगी।
यह फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद होगा, जिन्हें जरूरत के समय अतिरिक्त फंड की जरूरत पड़ती है।

नए UPI नियमों का सार एक नजर में

बदलावनया नियम
बैलेंस चेक5 बार प्रति ऐप प्रतिदिन
अकाउंट डिटेल्स2 बार प्रतिदिन
ऑटोपे ट्रांजैक्शननॉन-पीक टाइम में प्रोसेस
अनयूज्ड UPI ID12 महीने बाद डिएक्टिवेट
API रिस्पॉन्स10 सेकंड

यूजर्स को क्या करना चाहिए

• अनावश्यक बैलेंस चेक से बचें
• ऑटोपे सेटिंग्स समय-समय पर चेक करें
• लंबे समय से इस्तेमाल न हो रही UPI ID को एक्टिव रखें या हटा दें
• ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपडेट रखें

FAQs

Q1. क्या नए UPI नियम सभी ऐप्स पर लागू होंगे?
हां, ये नियम GPay, PhonePe, Paytm सहित सभी UPI ऐप्स पर लागू हैं।

Q2. 50 बार बैलेंस चेक की लिमिट प्रति दिन है या प्रति माह?
यह लिमिट प्रति दिन और प्रति ऐप लागू होती है।

Q3. क्या ऑटोपे बंद हो जाएगा?
नहीं, ऑटोपे बंद नहीं होगा, सिर्फ उसका प्रोसेस सिस्टम बदला गया है।

Q4. 12 महीने बाद UPI ID बंद हो जाए तो क्या करें?
आप ऐप में जाकर दोबारा वेरिफिकेशन करके UPI ID एक्टिव कर सकते हैं।

Q5. क्या क्रेडिट लाइन से UPI पेमेंट सुरक्षित है?
हां, यह सुविधा NPCI के नियमों के तहत सुरक्षित तरीके से दी जाएगी।

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